Category: लोक-शास्त्र समीक्षा

लोक-शास्त्र समीक्षा Part -3

लोक-शास्त्र समीक्षा Part -3 लोक-शास्त्र समीक्षा मत में जीव भेद बुद्धि रखकर मंदिर तथा तीर्थ आदि के दर्शन कर कर पूजा पाठ करने को लोक समीक्षा माना जाता है|

लोक शास्त्र समीक्षा Part-2

लोक शास्त्र समीक्षा Part-2 लोक समीक्षा मत में जीव भेद बुद्धि रखकर मंदिर तथा तीर्थ आदि के दर्शन कर कर पूजा पाठ करने को लोक समीक्षा माना जाता है|

लोक-शास्त्र समीक्षा Part-1

लोक-शास्त्र समीक्षा Part-1 – शास्त्र मत में भगवान को चेतन, व्यापक,अखंड, अनादि अनंत कहा गया है लोक समीक्षा मत में जीव भेद बुद्धि रखकर मंदिर तथा तीर्थ आदि के दर्शन कर कर पूजा पाठ करने को लोक समीक्षा माना जाता है|